वीमेनज़ डे पर #AOI से आपको ख़ास तोहफा – आईका टू द बाइका- पोलीस कंप्लेंट लावणी

एजेंट्स, अंतराष्ट्रीय वीमेनज़ डे है !

#सुपरहिट कंसेंट लावणी और बेहद खूबसूरत ‘लव इन द गार्डन ऑफ़ कंसेंट’,  AOI के ये वीडियो तो आपने देखे ही होंगे l और अब! इस मौके पर हम एक नयी  जोशीली लावणी लेकर हाज़िर हुए हैं – आईका टू द बाइका- पोलीस कंप्लेंट लावणी l

तो इसमें, आप मिलेंगे बिल्कुल पांडे और कुंती जी से l इन दोनों पुलीसवालों को यूं लगता है कि वे औरतों के रखवाले हैं l

पर जब आईका टू द बाइका का वक्त आता है- यानी औरतों की बात सुनने का – तब इन्हें क्या होता है? तब इनका नारीवाद थोड़ा कमज़ोर दिखने लगता है l हम्म्म  l तो जब चमकती, सबकी आँखें चौंधियाती हुई लावणी कलाकार शक्कू, मेघा और आकांशा अपनी पोलीस कंप्लेंट दर्ज कराने आती हैं, तब उन्हें  घिसे पिटे, जेंडर के आधार पर पक्षपात का सामना करना पड़ता है l वही दकियानूसी जिसकी वजह से औरतों के लिए जस्टिस, यानी इन्साफ अक्सर दूर का सपना बन कर रह जाता है l

फिर क्या होता है?

देखिये और खुद जानिये !

इस वीडियो ने अपनी बात बड़े निराले तरीकों से कही है l  पोलीस स्टेशन की सेटिंग में, लावणी के मस्ती मज़ाक को म्यूज़िकल कहानी सुनाने से अंदाज़ से जोड़ा गया है l  एक सीरियस मुद्दे को हलके हाथ से कुछ यूं सुनाया गया है कि हर कोई इससे जुड़ सके, हर कोई इसमें शामिल हो l इस वीडियो के निर्माता भी ख़ास हैं : मजलिस, जो कि एक

 नारीवादी लीगल सेंटर है l इसकी स्थापना 1991 में इस ख़याल से हुई थी, कि खासकर समाज के  प्रभावहीन और कमज़ोर हिस्सों की औरतों और बच्चों को बेहतरीन कानूनी मदद मिले l साथ साथ, सोच परख कर ऐसे कानूनी तरीकों का विकास हो, जिससे औरतों को सही में मदद मिले l

इन पिछले पच्चीस सालों में, फ्लेविआ अग्नेस की प्रधानता में, मजलिस की टीम 50,000 औरतों के साथ काम कर चुकी है l क़ानून के सिस्टम के भिड़ते हुए इन वकीलों के जो तजुर्बे रहे हैं, उनको आधार बनाकर हमारे गाने के बोल लिखे गए हैं l

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