वो कौन सी बातें हैं जो मध्यलिंगी (intersex) लोग चाहते हैं कि उनके बारे में सभी को पता हों !

श्रुति सुंदररमन द्वारा

उसके दोस्त एक मैच के बाद बाथरूम में उसके नग्न शरीर को देख, चिल्लाकर भाग गए थे। यही वो दिन था जब उसने जाना कि वह तो महिला थी और ही पुरुष। उसके मातापिता ने उसे नहीं बताया था कि वह मध्यलिंगी थी। वे उसे सच्चाई से बचाना चाहते थे। लेकिन आप उस सच्चाई से कैसे भाग सकते हैं जो कि साफसाफ दिखाई दे? सारी ज़िंदगी, उसने यही माना कि उसकासचबदसूरत है; घृणा का पात्र है। यह समझने में उसे सालों लगे कि मध्यलिंगी होने में शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं।

लैंगिकता को भी हम अक्सर केवल स्त्री पुरुष के दायरों में ही समझते हैं। इस सीमित दायरों/ दोहरी (binary)  यौनताओं वाली सोच के बाहर रहने वालों में से  मध्यलिंगी लोग शायद सबसे अधिक गलतफहमी का शिकार होते हैं। सेक्स और कामुकता संबंधी बातचीत के दौरान अक्सर उन्हें पीछे छोड़ दिया जाता है।

हम यहाँ एक प्रवेशिका (primer) प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें उन बातों का जिक्र है जो मध्यलिंगी लोग चाहते हैं कि उनके बारे में सब जानें।

प्र. मध्यलिंगी होने का अर्थ क्या है?

एक मध्यलिंगी व्यक्ति वह होता है जिसकी प्रजनन शारीरिक रचना पुरुष या महिला की आयुर्विज्ञानिक (medical) परिभाषाओं के अनुरूप नहीं है। मध्यलैंगिकता एक व्यापक शब्द है और इसे केवल एक प्रकार की यौन पहचान देना गलत होगा। मध्यलिंगी श्रेणी के अंतर्गत आने वाले लैंगिक शरीर रचनाओं में कम से कम 30 जन्मजात भिन्नताएं हैं। कोई दो मध्यलैंगिक अनुभव समान नहीं होते हैं।

प्र. विभिन्न प्रकार की मध्यलैंगिकताएँ क्या हैं?

मध्यलैंगिकता के कई प्रकार और चिंहक (markers) हैं और यह हमारे शरीर में गुणसूत्र (chromosome) नामक संरचना की वजह से है।

गुणसूत्र एक धागे जैसी संरचना है जो मानव के लिंग को निर्धारित करने की कुंजी हैं। गुणसूत्र दो प्रकार के होते हैं– X और Y यह इन दो गुणसूत्रों का संयोजन है जो हमारे लिंग को निर्धारित करता है। XY गुणसूत्रों का संयोजन हमें पुरुष देता है, और XX का संयोजन औरत देता है। गुणसूत्र युवावस्था, यौनरुचि और शरीर के बाल संबंधी चीजों के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

जैसे पुरुषों और महिलाओं को निर्धारित करने में गुणसूत्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वैसे ही मध्यलिंगी व्यक्तियों की सेक्स विशेषताओं के निर्धारण में भी इनकी अहम भूमिका होती है। एक व्यक्ति मध्यलिंगी है या नहीं, ये तीन संकेतकों के माध्यम से निर्धारित किया जा सकता हैउसके जननांग, प्रजनन अंग और / या लैंगिक विशेषतायें।

गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब महिला जननांग के उदाहरण हैं, जबकि वृषण और प्रोस्टेट पुरुष जननांग के। कई मध्यलिंगी व्यक्तियों में, अविकसित जननांगता की संभावना होती हैं, कभीकभी कुछ भाग अवयव नहीं होते हैं  और कभीकभी उनमें अस्पष्ट जननांगों की उपस्थिति भी पायी गई है।

लेकिन यौन अंगों की अस्पष्टता हमेशा जन्म के समय से ही ज्ञात नहीं होती है। कई इंटरसेक्स लोगों को यह तब तक पता नहीं होता है जब तक वे यौवन तक नहीं पहुंचते हैं और जब तक वो नोटिस नहीं करते हैं कि उनके यौन अंग और शरीर के वो हिस्से जो हार्मोनल विकास से प्रभावित हैं, वे दूसरों के समान नहीं दिखते हैं।

ये हमें तीसरे सूचक की ओर ले आता है, जो शरीर की बाहरी संरचना (external characters) जैसे कि शरीर के बालों या स्तनों के विकास की मौजूदगी या अनुपस्थिति से संबंधित है। एक मध्यलिंगी महिला के स्तन पूरी तरह से विकसित नहीं भी हो सकते हैं, और वैसे ही एक मध्यलिंगी आदमी के शरीर में जितने बाल सामान्यतः आदमियों में होते हैं, , उतने नहीं भी हो सकते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये चीज़ें मध्यलिंगी व्यक्ति का कोई स्पष्ट संकेतक नहीं है। कई गैरमध्यलिंगी व्यक्तियों में भी इस तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं।

इंटरसेक्स  विशेषताएं खास गुणसूत्र और हार्मोन सम्बंधी हैं, कि केवल शरीर की रचना से संबंधित। उदाहरण के लिए, एक मध्यलिंगी व्यक्ति पूरी तरह से महिला दिख सकता है, जबकि उसमें XY गुणसूत्र (जो आम तौर पर पुरुष के लिए संयोजन होता है) मौजूद होता है। कई मध्यलिंगी लोग गुणसूत्र के विभिन्न संयोजन के साथ पैदा होते हैं, जैसे XXY.  इन संयोजनों में से कुछ के साथ साथ कुछ ऐसे चिन्ह भी मिलते हैं जिन्हें डॉकटर पार्शियल / कम्पलीट एण्ड्रोजन इंसेसिटीवीटी सिंड्रोम (Partial or Complete Androgen Insensitivity Syndrome – ASI) कहते हैं, जिसमें व्यक्ति की कोशिकाएं पर  एण्ड्रोजन कोई असर नहीं करता, जिस कारण से उसके यौन अंग बहुत कम विकसित होते हैं।  

गोनाडल डिज़ेंनेसिस (Gonadal Dysgenesis) के साथ पैदा हुए लोग, एक और गुणसूत्र की स्थिति से प्रभावित होते हैं, जहां गोन्दलों के अधूरे या दोषपूर्ण गठन की उपस्थिति होती है। ये लोग भी मध्यलिंगी श्रेणी में आते हैं।

 

अंतःविषय प्रजनन संबंधी कुछ रचनाओं को समझने के लिए यहां एक सहायक चार्ट उपलब्ध है:

 

प्र. ऐसा होता क्यों है?

ये बस हो जाता है। यह जैविक और चिकित्सा संबंधी है। ये सवाल कि लोग मध्यलिंगी क्यों पैदा होते हैं उतना ही निराधार है जितना कि ये पूछना कि कोई  नर या मादा रूप में क्यों पैदा होता है। कुछ लोग ऐसे ही पैदा होते हैं, इसी तरह विकसित होते हैं।

प्र. क्या मध्यलैंगिकता कोई बीमारी या चिकित्सा संबंधी स्थिति है?

यह मानना ​​आसान है कि गैरदोहरी (non-binary) प्रजनन अंगों का होना एक चिकित्सा संबंधी स्थिति है। हालांकि, यह सच से बहुत दूर है। नर और मादा जननांग दोनों का उपस्थित होना कोई चिकित्सा संबंधीस्थितिनहीं है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। बल्कि मध्यलिंगी लोग आनुवांशिक (genetic) रूप से ऐसे ही बने होते हैंइसे ठीक करने की नहीं, केवल स्वीकृति की आवश्यकता है।

स्वीकृति, जैसा कि मध्यलिंगी लोग आपको बताएंगे, प्राप्त करना मुश्किल है। कई मातापिता सोचते हैं कि शायद उन्हें तुरंत ही अपने मध्यलिंगी बच्चों के जननांग के लिए सर्जरी करानी चाहिए। यह एक प्रमुख नैतिक दुविधा हो सकती है। मातापिता सोचेंगे कि वे अपने बच्चे के सर्वोत्तम हित में कार्य कर रहे हैं ताकि वे उन्हें ऐसी यौन पहचान दे सकें जिसका पूर्वानुमान और आसान हो । लेकिन आजकल, इस बारे में बहस छिड़ी हैं कि क्या मातापिता या डॉक्टर को इतने बड़े निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए।वे ये कैसे जान सकते हैं कि हमारे दिल और हमारे भविष्य में क्या है‘, मध्यलिंगी लोग पूछते हैं।

एल.जी.बी.टी (LGBT) समानता के लिए बनेफ्री & इक्वल‘ (Free & Equal) अभियान में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (United Nations Human Rights Commission) का कहना है कि सेक्स सुधारात्मक सर्जरी से बचना चाहिए क्योंकि ऐसी सर्जरी अक्सर अपरिवर्तनीय प्रक्रियाएं पैदा करती है और स्थायी बांझपन, दर्द, असंतुलन, यौन संवेदना का नुकसान, आजीवन मानसिक पीड़ा और अवसाद का कारण बन सकती है। हालांकि फिर भी, कलंक, अज्ञानता और पूर्वाग्रह जैसी चीज़ें कई मातापिता को अपने मध्यलिंगी बच्चों के साथ आक्रामक सर्जिकल प्रक्रियाओं में संलग्न होकर उन्हेंठीक करनेके लिए उकसाते  हैं।

महत्वपूर्ण बात यह है कि कई मध्यलिंगी (या उनके मातापिता) बचपन में मध्यलैंगिकता के होने का पता नहीं लगा पाते हैं। कभीकभी, उन्हें युवावस्था तक पता नहीं चलता कि वे मध्यलिंगी हैं; कुछ मध्यलिंगी लोगों में, प्रजनन अंग केवल युवावस्था के समय या उसके बाद ही विकसित होते हैं। यह स्थिति बहुत भ्रमित करने वाली हो सकती है। कल्पना कीजिए कि आपने अपने पूरे जीवन में ये माना कि आप महिला हैं, केवल एक दिन यह जानने के लिए कि आपका शरीर दरअसल अलग है।

प्र. तोमध्यलिंगी होना जेंडर का एक प्रकार है?

नहीं, मध्यलैंगिकता जैविक लिंग संबंध को दर्शाती है, जो कि पुरुष या महिला की तरह ही दवा और जीवविज्ञान द्वारा निर्धारित की जाती है। दूसरी तरफ, जेंडर वो है जो मनोवैज्ञानिक रूप से पहचाना जाता हैजैसे पुरुष या महिला। मध्यलिंगी लोगों के बारे में यह एक आम गलतफहमी है। और एक आम और असत्य धारणा यह भी है कि मध्यलिंगी लोग अपने लिंग का चयन स्वयं करते हैं, जैसे बाकी लोग अपना जेंडर तय करते हैं।

प्र. क्या ट्रांसजेंडर और मध्यलिंगी लोग एक जैसे होते हैं?

बिल्कुल नहीं। लोग अक्सर ट्रांसजेंडर और मध्यलिंगी के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं।

ट्रांसजेंडर वे लोग हैं जो पुरुष या महिला के रूप में पैदा होते हैं, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से अपने वास्तविक लिंग (जिसमें उनका  जन्म हुआ हो) के विपरीत अपनी पहचान बनाते हैं।  ट्रांसजेंडर होने का मतलब उस जेंडर को अपनाना है जिससे वो अपनी पहचान बनाना चाहता है, जबकि मध्यलिंगी होना एक अलग, संपूर्ण लिंग के बारे में है। एक मध्यलिंगी व्यक्ति स्वयं को ट्रांसजेंडर के रूप में प्रस्तुत कर सकता है लेकिन वह असल में ट्रांसजेंडर नहीं होता है। ट्रांसजेंडर होना एक मनोवैज्ञानिक (psychological) स्थिति है जबकि मध्यलिंगी होना जैविक (biological) है।

प्र. क्या मध्यलिंगी लोग स्वचालित रूप से समलैंगिक पुरुष (gay) या समलैंगिक महिला (lesbian) हैं?

एक और आम धारणा यह है कि मध्यलिंगी एल.जी.बी.टी.क्यू.आई. (LGBTQIA) मेंएल.जी.बी. (LGBA) के ​​साथ पहचाने जाते हैं। यह असत्य है। एक मध्यलिंगी व्यक्ति का समलैंगिक पुरुष या समलैंगिक महिला या उभयलिंगी (bisexual) या अलैंगिक (asexual) होना जरूरी नहीं है; वह उनमें से कोई भी हो सकते हैं या फिर शायद कोई भी नहीं। ठीक वैसा जैसा सब के साथ होता है, एक मध्यलिंगी व्यक्ति का यौन अभिविन्यास उनके लिंग द्वारा नहीं बल्कि उनके यौन अभिविन्यास द्वारा तय किया जाता है। यदि एक मध्यलिंगी पुरुष खुद को एक पुरुष के रूप में पहचानता है और पुरुषों की ओर ही आकर्षित होता है, केवल तभी उसे समलैंगिक पुरुष कहा जा सकता है। यह मानना कि एक मध्यलिंगी (या ट्रांसजेंडर) स्वचालित रूप से समलैंगिक पुरुष या समलैंगिक महिला ही होता है, एक और गलतफहमी है।

 

प्र. हिजड़ा से मध्यलिंगी लोग कितने अलग हैं?

हिजड़ा एक सांस्कृतिक समुदाय और सांस्कृतिक पहचान है। यह एक ऐसा समुदाय है जिसमें मुख्य रूप से ट्रांसजेंडर लोग ही होते हैं, जो पुरुष पैदा हुए, लेकिन या तो खुद को एक महिला के रूप में पहचानते हैं या शायद किसी भी जेंडर के रुप में खुद को नहीं देख पाते है, और मध्यलिंगी लोग भी। कुछ हिजड़ा अपना अंडाकर्षण (castration) कराते हैं, और इन दिनों तो सेक्स पुनर्मूल्यांकन सर्जरी (sex reassignment surgery) की भी तलाश कर सकते हैं। सभी हिजड़ा मध्यलिंगी नहीं होते हैं हालांकि कुछ मध्यलिंगी व्यक्ति हिजड़ा समुदाय में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं।

एक मध्यलिंगी व्यक्ति गैरअनुरूप जननांग के साथ हो भी सकता है और नहीं भी। मध्यलिंगी लोगों का तो कोई समुदाय है और ही वे भूगोल से बंधे हैं, जैसे कि हिजड़ा समूह हैं। हिजड़ा समुदाय को भारत और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में तीसरे लिंग का स्थान दिया जाता है, जबकि जैसा कि पहले बताया गया है, मध्यलिंगी एक अलग ही प्रकार का लिंग है।

प्र. द्वीलिंगी (hermaphrodite) और एक मध्यलिंगी के बीच क्या अंतर है?

हर्माफ्रोडाएट (द्वीलिंगी) के लिए एक तकनीकी परिभाषा ये है कि जिस व्यक्ति के पुरूष और महिला प्रजनन अंग पूरी तरह से विकसित हैंडिम्बग्रंथि (ovarian) और अंडग्रंथि ऊतक (testicular tissue) दोनों। लेकिन अगर आप जानना चाहते हैं कि क्या अविकसित अंग के कारण मध्यलिंगी द्वीलिंगीसे अलग हैं, तो यहां एक महत्वपूर्ण भेद जानना जरूरी है। इंटरटेक्स सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (Intersex society of North America) के मुताबिक, हर्माफ्रोडाएट (द्वीलिंगी) एक पौराणिक शब्द हैएक ही शरीर में पूरी तरह से पुरुष और महिला प्रजनन अंग विकसित होना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं है। द्वीलिंगी एक पौराणिक अवधारणा है जबकि मध्यलिंगी एक कानूनी, चिकित्सकीय शब्द है।

‘हर्माफ्रोडाएट (द्वीलिंगी)शब्द पुराना है और अधिकांश मध्यलिंगी व्यक्तियों द्वारा इसे अपकारक (offensive) माना जाता है।

प्र. क्या मध्यलैंगिक दुनिया में रोमांस अलग होता है?

मध्यलिंगी हर किसी की तरह ही प्यार में पड़ते हैं, डेटिंग करते है और रोमांस चाहते हैं। एक विषमलिंगी (straight) मध्यलिंगी महिला आसानी से उभयलिंगी / विषमलिंगी (straight) आदमी के साथ डेटिंग कर सकती है। एक उभयलिंगीमध्यलिंगी आदमी समलैंगिक आदमी में भी प्यार की तलाश कर सकता है। जेंडर और लैंगिकता को अगर गैरदोहरे (non-binary) तरीके से देखा जाए तो मध्यलिंगी लोगों को शामिल करने की गुंजाईश है। परेशानी इससे नहीं है, परेशानी तो कलंक और गलत धारणाओं से है। लेकिन प्यार (और सक्रियता) अक्सर रास्ता ढूंढ लेते हैं।

प्र. क्या मध्यलिंगी लोगों के यौन संबंध हो सकते हैं?

बेशक वे  यौन संबंध बना सकते हैं। अलगअलग आकार के यौन अंग होने का मतलब यह नहीं है कि मध्यलिंगी लोगों के शरीर में कोई आनंद केंद्र बिंदु नहीं है। एक मध्यलिंगी व्यक्ति हम सब की तरह तरह यौन संबंध बनाने में सक्षम है।

मध्यलिंगी व्यक्तियों के सभी प्रकारों के साथ, यह मान लेना ​​आसान है कि एक मध्यलिंगी के लिए यौन संबंध बनाना संभव नहीं है। लेकिन यह सच नहीं है। इसका मतलब यह है कि एक मध्यलिंगी व्यक्ति के लिए सेक्स का मतलब क्या होता है और यह उनके लिए कैसे काम करता है, इसके बारे में उचित संचार होना चाहिए। साझेदारों के साथ उचित संचार के साथ सेक्स हो सकता है।

प्र. क्या मध्यलिंगी लोग वैसे ही यौन संबंध रखते हैं जैसे हर कोई रखता है?

कोई भी दो लोग एक ही तरह से सेक्स का अनुभव नहीं करते हैं। निश्चित रूप से, सेक्स के सामान्य तंत्र एक ही रहते हैं लेकिन इसका आवेदन हर किसी के लिए भिन्न होता है। यह मध्यलिंगी व्यक्तियों के लिए और अधिक व्यक्तिपरक (subjective) हो जाता है। अलगअलग विकसित अंगों के साथ, मध्यलिंगी व्यक्तियों के लिए सेक्स एक अलग तरह का अनुभव लाता है। उदाहरण के लिए, कुछ मध्यलिंगी जो खुद को महिला के रूप में पहचानते हैं, उनमें पूरी तरह से विकसित भगशेफ (clitoris) नहीं होते हैं लेकिन उनमें प्रवेशक (penetrative) यौन संबंध बनाने की क्षमता होती है। उसी तरह प्रवेशक यौन संबंध उन्हें आनंद नहीं दे सकता जिनके योनि द्वार (vaginal opening) अविकसित हैं, उन्हें बाहरी प्रेरक (external stimulating) यौन संबंध ही उत्तेजित कर सकता है। यही स्थिति उन मध्यलिंगी लोग के साथ भी होती है जिनके पास लिंग नहीं होता है, जैसे एफैलिया (aphallia) में

जैसा कि आप जानते हैं और जैसे ही हम अजेंट्स दोहराते रहते हैं, सेक्स सिर्फ एक भेदक कार्य (penetrative act) नहीं है। यह दो या दो से अधिक लोगों के बीच आनंद महसूस करने का एक संपूर्ण कार्य है। तो कैसे किसी को सुखद महसूस कराया जा सकता है, ये भेदक क्रिया से परे जननांग के एक विशेष संयोजन से पता चलता है।

लेकिन यदि प्रवेश करना ही एक मध्यलिंगी व्यक्ति के लिए सेक्स का केंद्र बिंदु है, तो यह समस्या पैदा कर सकता है। एक एंड्रोजन इंसेंसिटिविटी सिंड्रोम (Androgen Insesitivty Syndrome – AIS) वाला व्यक्ति जो भेदक यौन संबंध में शामिल होने की योजना बना रहा है, उदाहरण के लिए, उसे इस तथ्य पर चर्चा करने की आवश्यकता है कि गर्भाशय ग्रीवा ( cervix) के बिना, योनि एकअंधेरअंत‘ (Blind end) कहलाती है। यानी, यह एक उत्तक  थैली ( sac of tissue) में समाप्त होती है, जो गर्भाशय ग्रीवा (cervix) तक नहीं जाती है। ऐसे में  योनि की पिछली दीवार पूर्ण प्रवेश को रोकती है। कभीकभी, उस पिछली दीवार के कारण भेदक सेक्स (penetrative sex) में दर्द हो सकता है।

जन्मजात एड्रेनल हाइपरप्लासिया (Adrenal Hyperplasia) वाले व्यक्तियों में एक विस्तृत भगशेफ हो सकता है जिसमें उत्थानक्षमता (erectile capability) हो। जिन मध्यलिंगी लोगों में मेयररोकिटांस्कीकुस्टरहोसर सिंड्रोम (Mayer-Rokitansky-kuster-Hauser Syndrome) होता है, उनमें भी या तो योनि नहीं होती है या फिर अविकसित होती है, जिससे भेदक सेक्स संभव नहीं है।

दूसरी तरफ ये भी ध्यान देने वाली बात है कि कुछ मध्यलिंगी महिलाएं भी गर्भवती होने में जैविक रूप से सक्षम होती हैं। पिछले कुछ वर्षों में, गहन हार्मोन थेरेपी (intensive hormone therapy) के बाद कई मध्यलिंगी महिलाओं के गर्भ धारण करने के मामले सामने आए हैं।

प्र. क्या मध्यलिंगी लोग केवल अन्य मध्यलिंगी लोगों के साथ ही  यौन संबंध बनाते हैं?

नहीं, ये जरुरी नहीं है। हाँ, ऐसे जोड़े मौजूद हैं जो पूर्ण रूप से मध्यलिंगी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एक मध्यलिंगी व्यक्ति केवल दूसरे मध्यलिंगी व्यक्ति को ही डेट करेगा। बहुत से मध्यलिंगी व्यक्तियों ने ऐसे पुरुषों और महिलाओं से मुलाकात की है जो अलगअलग तरह से विकसित अंगों से परेशान नहीं होते हैं।

जैसा कि सब के साथ होता है, यौन भागीदारी (sexual chemistry) एक मध्यलिंगी व्यक्ति के लिए भी पूरी तरह से व्यक्तिपरक (subjective) है।

 

*पहचान की रक्षा के लिए नाम बदल दिया गया है।

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