हम तुम एक कमरे में बंद हो

एक लड़का जो अदरक की तरह यहाँ वहां बढ़ता ही जा रहा है; एक लाधी को बगीचे की तरह खिल रही है; घर पे कोई भी नहीं। अकेले मिलने का एक चान्स। एक दर, एक ख़ुशी, एक जिज्ञासा  – इन सारी भावनाओं  का कॉकटेल.  मौका हाथ आया है, पर उसका करें क्या?   प्यार, बेकरारी, आदि टेढ़ी चुम्मियों की खट्टी मीठी कहानी.


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