वो सब! जो आप कॉन्डोम के बारे में जानना चाहते हैं, लेकिन पूछने से शरमाते हैं |

अनुवाद : ज्योति राठौर 

चित्रण देबस्मिता दास 

हर साल,बहुत सारे हलके फुल्के, इशारों -इशारों के मज़ाक इस बात को लेकर होते हैं कि नवरात्री के समय हमारे देश में कॉन्डोम की बिक्री बढ़ जाती है|कॉन्डोम कंपनी भी ये मानती हैं , वो त्यौहार के समय अधिक बिक्री के लिए छूट और दूसरे ऑफर भी देती हैं| पर दोस्तों,कॉन्डोम के इस्तेमाल के लिए नवरात्रि आने का इंतज़ार मत कीजिये| कॉन्डोम का प्रयोग पूरे साल किया जाना चाहिए | आप जब भी सेक्स करते हैं तब कॉन्डोम का इस्तेमाल करें|मौखिक/ सेक्स में भी |

लेकिन, आइये पहले जान लेते हैं कि कॉन्डोम क्या है ? यह पतले,खिंचाव वाले रबर या दूसरे पदार्थ से बना होता है, शिश्न/ पीनिस पर पहनने के लिए इसका मोजे की तरह इस्तेमाल होता है | यह शुक्राणु/स्पर्म को योनि में जाने से रोकता है, क्योंकि वीर्य, वीर्यपात के बाद कॉन्डोम में जा गिरता है |

 

कॉन्डोम का इस्तेमाल क्यों करें ?

कॉन्डोम गर्भनिरोध में बहुत काम आता है| ये महिलाओं को अनियोजित गर्भ से  बचाता है, यहाँ तक कि अगर आप कोई और गर्भनिरोध का इस्तेमाल कर रहे  हैं जैसे कि गोलियां, कॉन्डोम फिर भी जरुरी है| कॉन्डोम शरीर के पदार्थ ,वीर्य और योनि के वीर्य को दूसरे व्यक्ति तक जाने से रोकता है| इसका इस्तेमाल ना करने से सेक्स के द्वारा होने वाले रोग ( जैसे की STI,HIV )होने की संभावना अधिक हो जाती है|इससे कोई फरक नहीं पड़ता कि आप दोनों ने STI का टेस्ट दो साल पहले ही करवाया है , क्योंकि HIV टेस्ट कि वैधता सिर्फ तीन महीनों की  होती है| इसलिए कॉन्डोम सबसे सुरक्षित तरीका है|ये शत प्रतिशत सुरक्षा तो नहीं देता, पर इसके इस्तेमाल से इतना दिलासा तो मिलता है कि आपने अपनी तरफ से वाकई सावधानी बरती है  |

आप सोच रहे हैं कि आप ये सब पहले से जानते हैं, तो अपने आप को 10\10  दे सकते हैं, ये आपके लिए अच्छा है| लेकिन ऐसे कई सारे लोग हैं  जो कॉन्डोम का इस्तेमाल करने से संतुष्ट नहीं हैं | वो भी सिर्फ एक पुराने मिथक के कारण कि कॉन्डोम का प्रयोग सेक्स का मज़ा कम करता है |

आपके मूड को बनाने के लिए,  शेखर सुमन का पुराना वीडियो कैसा रहेगा? जिसमें वो कॉन्डोम खरीदने के लिए जा रहे हैं |

क्या कॉन्डोम सच में मज़ा खत्म करते हैं?

बहुत सारे पुरषों का ये मानना है कि कॉन्डोम  पहनना उन्हें असुविधाजनक महसूस करवाता है क्योंकि उन्हें लगता है उसमें प्रयोग हुई सामग्री उनकी सेक्स उत्तेजना को कम सुखद बनाती है, या कॉन्डोम पहनने से वो अपनी पुरष शक्ति खो देंगे और उनका सारा ध्यान अपने प्रदर्शन पे रहेगा |ऐसी तर्कहीन सोच की हद ये कहना है कि उन तीस सेकेंड में, जो कंडाम पहनने में लगते हैं,  आपका मूड खत्म हो जाता है |

अगर आप इनमें से कुछ भी वाकई महसूस करते हैं,इसका मतलब है आप –

१) बेचैन हो रहे हैं

२) विचलित हैं

३) आप सही से कॉन्डोम का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं

जब कॉन्डोम पहनने की बारी आती है, तब सही समय बहुत मायने रखता है |अगर आप इसे पूरी तरह उत्तेजित होने से पहले पहनेगें तो आपके लिए ये पहनना काफी मुश्किल होगा|

आप इस समस्या को कैसे सुलझा सकते हैं |एक तरीका ये है, जब आप युवा हैं, कॉन्डोम पहनना का अभ्यास  करें- चाहे हस्तमैथुन करते समय या उसके अलावा भी |आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि आपका फोरप्ले लम्बा चले, उसका मतलब ये है कि दोनों पार्टनर्स  उत्तेजित हो  जायें और और आप अपने शिश्न को और देर उत्तेजित रख सकेंगे| आपका पार्टनर आपकी कॉन्डोम पहनने में मदद कर सकता है |

दूसरी चीज़ ये, कि इस बात का ध्यान रहे कि आपने कॉन्डोम सही तरीके से पहना है|

 

कॉन्डोम का इस्तेमाल कैसे करें-

सबसे पहले,उसकी खत्म होने की समय अवधि/एक्सपायरी  डेट देखें | कॉन्डोम के डब्बे को अपनी उँगलियों से खोलें – अगर आप अपने दाँतों का इस्तेमाल करेंगे तो कॉन्डोम का पैकेट फट सकता है|जाँच लें कि कॉन्डोम बाहर तो नहीं निकला हुआ है, उसके किनारे बाहर की तरफ होने चाहिए , दिखने में वो टोपी की तरह लगना चाहिए जिसे हम आसानी से खोल सकें| उसके बाद एक पॉइंट को दबा कर  देखें कि उसमे हवा तो नहीं  है ,फिर कॉन्डोम को धीरे धीरे शिश्न / पीनिस .पर ऊपर से नीचे पहनना चालू करें, उस समय जब उसमें अधिक उत्तेजना व तनाव हो (कॉन्डोम पहनने से पहले,आप एक या दो बूँद चिकनाई उसमें डाल दें इस से आपको कॉन्डोम पहनने में आसानी होगी) | अगर आप किसी वजह से उसे उल्टा पहन लेते हैं, तो सब कुछ फिरसे शुरू कीजिए, यानि, कॉन्डोम बदल दीजिए! क्योंकि इस बात की  संभावना है कि आपका वीर्य -वीर्य  पात होने से पहले से छूटता वीर्य- जिसे अँग्रेज़ी में precum  कहते हैं-  उसपर लगा हुआ हो…| अब  कॉन्डोम को उडेलते हुए , शिश्न/ पीनिस के तल तक ले आईए|

यहाँ वीडियो में दिखाया गया है कैसे

एक बार पहनने के बाद आपको अगर ज़रूरत लगे तो ,आप एक या दो बूँद पानी पर आधारित चिकनाई- लूब्रिकेंट्स उसके ऊपर  डाल सकते हो, हालंकि अधिकतर कॉन्डोम चिकनाहट के साथ ही आते हैं | चिकनाहट के लिए तेल का इस्तेमाल ना करें, ये लैटेक्स कॉन्डोम को तोड़ सकता है| एक बार वीर्य  स्खलित  होने के बाद ,पीनिस को योनि से बाहर निकाल लें तब, जब वो थोड़ा सा तना हुआ हो ,उससे वीर्य बाहर नहीं गिरेगा | योनि से बाहर निकालते  वक़्त लिंग को तल/आधार से पकड़ेंगे, तो अच्छा रहेगा क्योंकि इससे ये फिसलेगा नहीं (ऐसा,बाई द वे,  अक्सर होता है)

अगर आपको लगता है कि आपके लिंग में वीर्य स्खलन के बाद भी तनाव है और आप शारीरिक सम्बन्ध जारी रख सकतें हैं, तो आपको कॉन्डोम बदलने की आवश्कता है, एक बार वीर्य स्खलन के बाद आपको नया कॉन्डोम इस्तेमाल करना चाहिए ,हमेशा योनि के अंदर डालने के बाद या अगर आप दूसरी तरह से  सेक्स कर रहें हैं, फिर भी( गुदा से मौखिक/ओरल  सेक्स या मौखिक  से गुदा/एनल)

 

कॉन्डोम के प्रकार

कॉन्डोम का एक बहुत बड़ा संसार आपकी खोज का इंतजार कर रहा है – बहुत सारे रंगों, स्वाद और विभिन्न सामग्री वाले|सही माप और वो जो लिंग  के अनुसार बहुत अच्छा फिट हो- ऐसे कॉंडम का प्रयोग करना ज़रूरी है | बहुत सारे ब्रांड्स के कॉन्डोम हैं जो कि छोटे( २ इंच की चौड़ाई वाले) मध्यम, और बड़े माप में आते हैंअगर वो बहुत टाइट हुआ तो वो आपके रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और आपको असुविधाजनक महसूस करवा सकता है|यहाँ तक कि ये भी हो सकता है कि आपके लिंग की तनने  की शक्ति को भी प्रभावित कर सकता है और अगर कॉन्डोम बहुत ढीला हुआ तो वो सेक्स के दौरान निकल जाएगा |

लैटेक्स कॉन्डोम बाजार में सबसे अधिक मौजूद हैं लेकिन बहुत सारे पुरषों और महिलाओं का ये मानना है कि उन्हें इस से अलरजी हो जाती है, बिना लैटेक्स वाले कॉन्डोम ज्यादा आरामदयाक होते हैं क्योंकि वो बहुत पतली परत के होते हैं |कोहिनूर, डुरेक्स ,स्कोर ये अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड हैं जो भारत में अधिक लोक प्रिय हैलेकिन मैनफोर्स( जिसमें सनी लियॉन एड करती है),मूड,कामसूत्र,कोबरा ये सब भी काफी प्रसिद्ध हैं| डुरेक्स थोड़ा महंगा ब्रांड है, उसका सुपर थिन पैक जिसमें 3 कॉन्डोम आते हैं 50 रुपये का है, वहीँ मैनफोर्स का स्वाद वाला 3 का पैक 22 रुपये में आ रहा है और कोहिनूर 20 रुपये में आता है  |

जो कहते हैं कि कॉन्डोम से मूड बिगड़ता है,  उनके लिए,ऐसे कॉन्डम भी हैं जो बहुत अधिक पतली परत वाले हैं, इतने पतले कि यून लगे कि वो हैं ही नहीं |मज़े का समय बढ़ाने वाले, यानि लम्बे चलने वाले कॉन्डम थोड़े मोटे होते हैं ताकि देर से स्खलन में आपकी  मदद कर सकें ( कुछ लोगों का ये मानना है कि वो आपके लिंग को असंवेदनशील, सुन्न बना देते हैं और आपको लिंग के तनने में भी तकलीफ़ दे सकते हैं) |अगर आपको कॉन्डम के स्वाद में अलग अलग प्रयोग करना पसंद है, मौखिक/ओरल सेक्स के लिए अलग अलग स्वाद वाले कंडोम बाजार  में उपलब्ध  हैं, मोगरे से लेकर केला तक | डुरेक्स ब्रांड बैंगन स्वाद का कॉन्डम भी लेकर आया है मज़ाक के तौर पर,ताकि लोग सेक्स और सुरक्षा पर बात करें |( बहुत ही मज़ाकिया बात है कि ब्रांड मैनेजर्स को ये लगता है कि स्वाद वाले कॉन्डोम भारत में बहुत अधिक बिकते हैं, वो 1000  से 1300  करोड़ के  कॉन्डोम मार्किट का 50 से 75 प्रतिशत हिस्सा हैं|

फिर वहीं अलग बनावट के भी कॉन्डोम मौजूद हैं जैसे कि कॉन्डम जिसपे लकीरें उभरी हुई होती हैं उसका घर्षण योनि और लिंग दोनों को मज़ा देता है| डॉट वाले कॉन्डम में भी डॉट के ऊपर को उभारा गया है, लैटेक्स के बिना वाले कॉन्डम पॉलीउरथेन या पोल्यिसोप्रीन से बना होता है (जो कि बहुत ही दुर्लभ है )कुछ दुर्लभ कॉन्डम भेड़ की खाल वाले भी हैं  जो कि भेड़ की आँतों से बनाये गए होते हैं |

कॉन्डम समझौता वार्ता

आप अपने साथी से कैसे कहेंगे कि उन्हें कॉन्डम पहनना ही पड़ेगा,  कि दूसरा कोई रास्ता नहीं है?

ये सुनने में बहुत आसान है, लेकिन ये उतना भी आसान नहीं है, लेकिन अपने साथी को ये बताना काफी आवश्यक है कि आपके लिए सुरक्षित सेक्स कितना ज़रूरी  है| अगर ऐसा हो कि आपके साथी आप पर काफी दबाव बना रहे  हैं कि वो वक़्त पर लिंग को योनि से बाहर निकाल लेंगे, और उन्हें कॉन्डम की कोई आवश्कता नहीं है ? आपको उन्हें समझाना होगा कि अगर वो ऐसा करते भी हैं तो वीर्य स्खलन पहले होने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं, जिससे आप गर्भवती भी हो सकती हैं |जो भी हो, किसी भी तरह से ये करना STI की समस्या को नहीं सुलझा सकता है|शायद आप डर रहीं हैं कि अगर आपने उनसे बिमारी की बात की तो वो आपसे नाराज़ हो जायेंगे या कहीं उन्हें ये ना लग जाए कि आप उन्हें दोषी मानती हैं… इसलिए फोरप्ले के शुरुवात से पहले इस विषय पर बात  कर लेना बेहतर है|

और दूसरी तरफ ये एक ही क्षण की बात है, आप दृढ़ रहें और जोर देती रहें| या आप महिलाओं वाला कॉन्डम भी इस्तेमाल कर सकती हैं, पर ये बात ध्यान में रहे कि पुरुष और महिला का कॉन्डम एक साथ इस्तेमाल ना करें – घर्षण  से दोनों के फटने की संभावना रहती है |

 

महिला कॉन्डम

कभी कभार इससे आंतरिक कॉन्डम भी कहते हैं, ये मुलायम पाउच की तरह है जिसे हम योनि में डालते हैं |इसके हर  छोर पर छल्ले बने हैं और एक हिस्सा बंद होता है |ये आम माप में आते हैं, हलांकि जिन महिलाओं ने अभी बच्चे को जन्म  दिया है उन्हें बड़ा माप इस्तेमाल करने को कहा जाता है |इसके इस्तेमाल के लिए आप की आरामदायक स्तिथि होनी चाहिए -या तो आप नीचे लेट जाएँ या उकडूँ बैठ जाएं और इसे योनि में टैम्पून कि तरह डालें ,उसके बाद आपको कॉन्डम को योनि के अंदर डालना है, जितना अंदर हो सके |बाहर का छल्ला योनि से बाहर होना चाहिए| 

यहाँ वीडियो दिया गया है कि महिला कॉन्डम का इस्तेमाल कैसे करें|

जैसे ही कॉन्डम डाल दिया जाता है,आप शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए एकदम तैयार हैं |आप अपने साथी को शिश्न उस बाहर लटकते हुए छल्ले में डालने को कहें |ध्यान रहे शिश्न कॉन्डम  में ठीक से जा रहा है  ना कि आपकी योनि की एक दीवार को और आपके कॉन्डम को छू रहा है| महिला कॉन्डम को निकालने के लिए बाहर के छल्ले को पकड़ कर जरा सा घुमाएं|ये वीर्य को कॉन्डम  की झोली में में ही रखेगा|आराम से अब कॉन्डम को योनि में से निकाल लें (वेलवेट कॉन्डम,जो कि HLL लाइफ केयर लिमिटेड द्वारा महिलाओं के लिए कॉन्डम बनाये गए हैं,आप इन्हे ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं रुपये 95 में 3 का पैक )

अगर आपका मासिक धर्म चल रहा है  और टैम्पून का इस्तेमाल कर रही हैं,  तो ध्यान रहे कि कॉन्डम का इस्तेमाल करने से पहले टैम्पून निकाल लें |

 

डेंटल डैम

डेंटल डैम एक बहुत ही बढ़िया परिकल्पना  है -लैटेक्स शीट जो कि इसलिए बनी है कि लिंग को ढक सके और मुँह की सुरक्षा करे, जब मौखिक/ओरल सेक्स हो, तब | कॉन्डम के जैसे एक बारी में, एक ही शीट इस्तेमाल हो सकती है |डेंटल डैम आपको STI से बचाता है जो कि ओरल सेक्स से फैलते हैं जैसे कि गोनोर्र्होई , हर्पीस , हेपेटाइटिस , और  सिफलिस| पर शोध ये कहता है 10  प्रतिशत से भी कम महिलाएं इनका इस्तेमाल करती हैं|

इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है -एक कारण ये भी हो सकता है कि ओरल सेक्स में सुरक्षा को इतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है और दूसरा कारण ये है कि शीट के इस्तेमाल को  को अजीब और असुविधाजनक और ओरल सेक्स के अनुभव को ख़राब करना माना जाता है | ये सब आपको भारत में नहीं मिलेंगे, आपको इसे बनाने के लिए सिर्फ एक  कैंची और एक कॉन्डम की आवश्कता है|उसे उल्टा करें, उसके ऊपर और नीचे वाले हिस्से को काटें फिर जो कॉन्डम सिलिंडर आपके पास बचा है,  उसे एक तरफ से काटें |

अब आपको कॉन्डम के बारे में सब कुछ पता है-  उनका इस्तेमाल कैसे करना है|

कोई कारण नहीं है कि आपको अगली नवरात्री का इंतजार करना पड़े, जाइए और खोज कीजिये |

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