टेलीफोन प्यार

जब रोहित की क्रश ने फॉर्म में अपना नंबर लिखा, तो रोहित ने तुरंत मेमोराइज़ कर लिया और फ़ोन लगाया। फिर बस – कोचिंग क्लास में दोनों दूर बैठते और एक दुसरे की तरफ देखते भी नहीं। लेकिन फ़ोन पे तीन चार घंटे बातें करते। पर टेलीफोन प्यार में हुआ क्रॉस कनेक्शन और प्यार बन गया नफरत – सुनिये कहानी और सोचिये क्या ऐसा होना ज़रूरी था ?

यह पॉडकास्ट दी वाय पी फाउंडेशन के साथ मर्दों वाली बात वर्कशॉप में बनाया गया है ।

भाषा: हिंदी

अवधी : १० मिनट १६ सेकंड

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