वह हमारी पहली बार थी: और मेरा मासिक आ टपका

 रोमांटिक (तब 23, अब 23) 

हम दोनों के लिए ये पहली बार था। हम बात कर रहे थे कि कैसे इस रिश्ते को आगे बढ़ाना बुद्धिमानी नहीं होगी, लेकिन फिर मम्मीपापा के ना होने पर वो मेरे घर गया। ये कोई धीमी शुरुआत नहीं थी। हम आक्रामक तरीके से इसमें घुसे, जैसे हमने एक दूसरे को बहुत मिस किया हो। (हम काफी दिनों से एक दूसरे से मिले नहीं थे, बात नहीं की थी।) ये सब फ्रेंच किस के छोटे और भावनाओं से भरे हुए सत्रों से शुरू हुआ, जो धीरेधीरे बिस्तर पर पहुँचा। हम पूरी तरह से एक दूसरे के ऊपर थे, और हाँ, उसके मेरे घर आने की बात तय होने के बाद हमने संक्षिप्त में सेक्स की बात भी की थी।

तो, रास्ते में, उसने कुछ कंडोम भी खरीद लिए थे। जब हम मुखमैथुन तक पहुँचे, तो उसने पूछा कि क्या मैं सेक्स करने में सहज हूँ। मैंने हाँ कहा। हम दोनों उत्सुक थे और सोच रहे थे कि क्या जो चीज़ें हम सिद्धांत (theory) के रूप में जानते हैं, वो अभ्यास में लाई जा सकती हैं। मैं शीर्ष पर थी और क्योंकि योनि बिल्कुल कसी हुई थी, हम अंदर जाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

और जैसे चीज़ें बद से बदतर हो रहीं हो, मुझे एहसास हुआ कि मुझे माहवारी वाली ऐंठन महसूस हो रही थी। मैंने टॉयलेट जाकर चेक किया। हाँ, मेरी माहवारी शुरू हो चुकी थी। मुझे याद है मैंने इंटरनेट पे पढ़ा था कि माहवारी के दौरान सेक्स करने से ऐंठन कम हो जाती है, तो मैंने उसे पूछा अगर वो आगे बढ़ने के लिए तैयार था। तो हम फिर से अपनी मिशनरी अवस्था में गए और आखिर वो मेरे अंदर घुसने में सफल हुआ। जिस पल वो अंदर घुसा, वो दर्दनाक था। एक तेज़ दर्द की लहर मेरे शरीर से होती हुई मस्तिष्क में जा पहुंची। मैं लगभग उसे रोकने ही वाली थी। लेकिन जैसेजैसे वो आगेपीछे होता गया, मुझे आनंद आने लगा। दर्द जा चुका था और वो सत्र उसकी विभिन्न गति के साथ तेज़ होता चला गया। वह चरमोत्कर्ष (climax) तक पहुंच गया, लेकिन उसने प्रक्रिया जारी रखी क्योंकि उसे पता था कि मैं तब तक उन्माद तक नहीं पहुंची थी। इसी प्रक्रिया में, थोड़ी देर बाद उसे कंडोम पर खून दिखा और वो अवाक रह गया। मैंने कहा कि शायद वो मेरे माहवारी के साथसाथ मेरे पहली बार सेक्स करने का खून हो सकता है। हम फिर साफसुथरे हुए और वापस बिस्तर पर गए, जहाँ हम लिपटकर ये सोच रहे थे कि हमारी बातचीत कहाँ शुरू होकर कहाँ खत्म हुई।

सेक्स की सबसे अच्छी चीज़, चरमोत्कर्ष के अलावा, उसके शरीर पे आई पसीने की बूंदे थी, जो इतने परिश्रम के बाद एक वातानुकूलित (air-conditioned) कमरे में होने के बावजूद भी दिखाई दे रही थीbindi। मैं उसके साथ पूरे दिन खेल सकती थी। सेक्स के बाद, छोटीछोटी मुस्कुराहटें और किस, वासना से बिल्कुल परे, सिर्फ प्रेम और सराहना के प्रतीक थे, और यही उन्हें और भी विशेष बनाता था। ये मेरी जिंदगी की एक बहुत ही यादगार शाम थी। हो सकता है क्योंकि ये मेरा पहली बार था, या हो सकता है क्योंकि यह बहुत ही अच्छा था। कारण जो भी हो, यह मेरे लिए हमेशा ही बहुत खास और दिल के करीब रहा है, भले ही इस घटना के कुछ महीनों बाद हम अलग हो गए थे।

You may also like

Comments

comments

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *