शरीर के बाल – हटाएँ या नहीं हटाएँ ?

ये बात तो मान लेनी चाहिए कि हम सब में शरीर के बालों से बड़ी अलग-अलग भावनाऍ जागती हैं।

हममें से ज़्यादातर का बालों के साथ कभी हाॅ कभी ना – या प्यार या घृणा- का रिश्ता होता है । अगर ये हमें अपने शरीर पर नहीं सुहाता, तो शायद अपने पार्टनर के बदन पे ये हमें पसन्द आ सकता है। हममें से कुछेक के लिए रोएँदार होना काफ़ी शर्मदायक होता है और हम एक एक को एकदम हटा देना चाहते हैं। और हममें से कुछ ऐसे हैं जो इसकी परवाह ही नहीं करते ।

हमें ये तो पता है कि शरीर के बालों को हटाने की प्रक्रिया – और आकर्षक दिखने की कोशिश से जुड़ी होती है । तो फिर इस बात पर ग़ौर करते हैं कि इन बालों का हमारी सेक्स लाईफ़ पर कोई असर होता भी है कि नहीं ? चलिए इनके और क़रीब जाकर इस बात पर ग़ौर करते हैं ।

पहली बात – हमारे शरीर पर बाल होते ही क्यों हैं ?

माना जाता है कि ये शरीर के तापमान को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं (इसीलिए ठण्ड लगने पर आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं) और कुछ तरह के बाल, जैसे कि पलकें, नाक के अंदर के बाल और भवों के बालों का काम होता है, आपके उन नाज़ुक अंगों की बाहरी चीज़ों से रक्षा करना ।

ज़्यादा बाल, यानि ज़्यादा उत्तेजना  ?                              

जिस्म के बाल उत्तेजना का ज़रिया बनके सेक्सुअल आनन्द को बढ़ाने में एक भूमिका अदा कर सकते हैं। हर एक बाल का कोश एक नस पर जाकर समाप्त होता है, और जब आप किसी बाल को छूते हैं, तो वो स्पर्श उस बाल के ज़रिए उस नस की जड़ को एक सिहरन भेजता है। नस की ये जड़ बाल के कोश में स्थित होती है, बदन की त्वचा पर नहीं, इसलिए जिस्म पर बाल रहने से आप एक टोटल एक्स्ट्रा फीलिंगको महसूस कर सकते हैं। और जब आप इस बात पर ग़ौर करें कि आपकी बाॅडी पर 50 लाख बालों की कोशिकाएँ हैं – फिर इस बात पर ग़ौर करें कि हमारे जघन के बाल कितने घने, और संवेदनशील हैं – ओहो – फिर तो सोचकर भी आनंद आता है ।

बदन के बाल और रहस्यमय फ़ेरोमोन्स

कुछ लोगों को शक़ है कि काँख (underarm)  में और जननांगों (private parts) पर बालों का उगना फ़ेरोमोन्स को फंसाने और छोड़ने के लिए होते हैं। फेरोमोन्सं वातावरण से प्रसारित होनेवाले ऐसे हाॅरमोन्स हैं जो हम जैसे मैमल्स/ mammals (यानि स्तनधारी जन्तु) में सेक्शुअल सिग्नल पहुंचाने का काम करते हैं। फ़ेरोमोन्स कई मैमल्स (स्तनधारी जन्तु) में पाया गया है, फिर भी, इस बात पर कोई सहमति नहीं बनी है कि वो इंसानों में भी मौजूद है कि नहीं।

कृपया क्या हम प्यूबिक हेयर/Pubic Hair (अपने निजी गुप्त अंगों के बाल) पर बात कर सकते हैं ? हाँ

फ़िलहाल कुछ वर्षों में इस सोच ने अपनी पकड़ ज़्यादा मज़बूत कर ली है कि प्यूबिक हेयर (Pubic Hair) की छँटनी ना की जाए बल्कि उसे पूरी तरह से हटा दिया जाए। कुछ लोगों को अपने प्यूबिक हेयर  को डिज़ाइन या वर्णमाला के कुछ अक्षर के आकार में ढाल के अपने पार्टनर को चौंकाने में मज़ा आता है। बाकि अपने प्यूबिक हेयर को पूरी तरह हटा देते हैं क्योंकि वो सोचते हैं कि उनको हटाना जिस्म की सुंदरता को बढ़ाता है।  

कुछ लोग अपने प्यूबिक हेयर को हटाने का चयन ज़रा ज़्यादा गंभीर कारणों से लेते हैं – जैसे जुएं हो जाना।

जो भी हो, ये जानकर अच्छा लगता है कि सेक्सुअल उत्तेजना को बढाने के अलावा, जननांगों पर के बाल उन जननांगों की सुरक्षा भी करते हैं। यानि एक सिक्यूरिटी गार्ड का काम करते हैं। हमारे जनांग नाज़ुक और संवेदनशील होते हैं ।

ये बाल उन अंगों की इन चीज़ों से सुरक्षा करते हैं :

  • घर्षण (friction)
  • ज़्यादा  गीलापन
  • बैक्टीरिया
  • बाहरी कण  

इसलिए, इन बालों को रखना काफ़ी useful ही है।

हटाएँ या नहीं हटाएँ ?

रखो या हटाऑ, कोई गल नहीं। दोनों तरह से, ये कोई बड़ा सौदा नहीं है। में जो बालों के खड़े होने से गर्मी पैदा होती है ,देखा जाए तो नगण्य ही है । और आज की तारीख़ में, उस रहस्यमय फ़ेरोमोंस से हटकर, जो हमारी काँख और निजी स्थानों में छिपा है, हम किसी दूसरे तरीक़े से अपने प्रेमियों को आकर्षित कर सकते हैं। ऐसा कोई विज्ञान नहीं है जो निर्णायक तौर पर ये साबित कर सके कि शरीर के बाल सेक्सुअल आनंद को पक्के तौर पर बढाते या घटाते हैं।

कुछ लोगों का सोचना है कि शरीर के बाल को हटाना आपको ज़्यादा साफ़-सुथरा, स्वस्थ और कम बदबूदार बनाता है। लेकिन ये सही नहीं है। अगर आप अपने आप को साफ़-सुथरा रखते हैं तो शरीर के बाल इसमें कभी दखलअंदाज़ी नहीं करेंगे।

दूसरे शब्दों में, शरीर के बाल को रखने या हटाने की पसंद अपनी मन मर्ज़ी पर depend करती है, या फिर आपके इर्द-गिर्द के तौर तरीक़ों से प्रभावित होती है।

 

 

 

 

 

यदि आप शरीर के बालों को हटा रहे हैं तो आपको किन बातों पर ध्यान देना चाहिए :

शरीर के बाल को हटाने के कई तरीक़े हैं, कुछ जो लम्बे समय तक प्रभावशाली होते हैं, कुछ छोटी अवधि तक काम आते हैं  :

  • छोटी अवधि वाले – वैक्सिंग, थ्रेडिंग, क्रीमिंग या फिर शेव के ज़रिए, जो काम ख़र्चीले होते हैं और जिसे आप ख़ुद से या किसी ब्यूटीशियन से करा सकते हैं।
  • लम्बी अवधि वाले – Electrolysis (एलेक्ट्रोलिसिस) से, जो एक-एक बाल को गर्मी या रासायनिक ऊर्जा से हटाता है, या लेसर पद्धति से, जहाँ बालों के कोश को लेज़र लाइट से कँपाया जाता है। ये बालों को हमेशा के लिए हटा देता है। ये काफ़ी ख़र्चीले तरीक़े हैं और इन्हें कोई डॉक्टर ही कर सकता है।

इसलिए अगर आप अपने बालों को हटा रहे हैं, तो ये बातें ध्यान में रखिए। :

  • अगर आप शेव कर रहे हों : एक नया और तेज़ रेज़र इस्तेमाल करें, कोई पुराना या ज़न्ख लगा रेज़र नहीं,  क्योंकि ये आसानी से आपकी त्वचा को काट सकते हैं और आपको गंभीर इन्फ़ेक्शन का शिकार बना सकते हैं। उगते हुए बालों के दर्द से बचने के लिए हमेशा शेव बालों के उगने की दिशा में ही कीजिए।  
  • अगर आप वैक्स कर रहे हों : शुरू करने से पहले हमेशा वैक्स को अपनी बाँह के थोड़े से हिस्से पर लगा कर जाँच लें कि कहीं उससे आपपर कोई एलेर्जिक या तक़लीफ़देह असर तो नहीं हो रहा है। अगर आप ख़ुद से वैक्स कर रहे हों, तो ये सुनिश्चित कर लें कि गर्म वैक्स से कहीं आपकी त्वचा जल न जाए। अगर आप किसी पेशेवर से ये काम करा रहे हैं, तो निश्चित तौर पर देख लें कि सभी उपकरण साफ़-सुथरे और कीटाणुरहित हैं और वैक्स की स्ट्रिप्स फफूंदी लगी और पुरानी ना हो।

जो कुछ भी आप करें, सुरक्षित रहकर, जानकारी रखकर, और अपनी मर्ज़ी को सचमुच समझकर ही कोई फ़ैसला लें।

इन बातों को ध्यान में रखने से, सबकुछ आम तौर पर आराम से हो जाता है।

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