डांसिंग सेक्स की तरह है। और कभी-कभी मुझे अकेले डांस करना ज़्यादा अच्छा लगता है।

दीपिका शर्मा द्वारा लिखित

तस्वीरें रेशमा प्रीतम सिंह 

अनुवाद: तन्वी मिश्रा

हर साल के अंत में, मैं नए वर्ष के लिए मेरे अपने संकल्पों की एक सूची बनाती हूँ। यह ज़्यादातर प्यार, रिश्तों और काम से जुड़े हुए लक्ष्य होते हैं जो प्राथमिकता के किसी क्रम में नहीं आते। ज़ाहिर है कि परंपरा मुताबिक़, मैं सूची में सिर्फ एक चौथाई संकल्पों पे खरी उतरती हूँ। २००९ की मेरी सूची में कुछ ख़ास फ़र्क नहीं था, सिवाय इसके कि मैं अक्टूबर की एक बरसात भरी दुपहर को, सात दफ़्ती के डब्बों में सामान, कार्टन, मेरे सपनों की नौकरी और एक टूटा हुआ दिल लिए मुंबई आ पहुँची थी। कुछ लोग थे जिनको इम्प्रेस करना था और एक मेरा टूटा हुआ दिल था जिसको तुरंत मरहम की ज़रुरत थी।



मैं अपने पुनर्निर्माण के मंसूबे पर बड़ी गंभीरता से काम कर रही थी। मुझे यकीन था कि प्यार के क्षेत्र में कुछ नए तार लगाने से सब ठीक हो जाएगा। मैं उस किस्म की इंसान नहीं हूँ जो बड़े-बड़े दावे कर सकती है कि, “मैं फिर से कभी प्यार नहीं करूंगी।” असल में, मैं तो वह हूँ जो मेले में लगे ऊंचे झूले पर चढ़ने के लिए कतार को सबसे पहले तोड़ती है! बिना रिलेशनशिप बनाये प्यार का अनुभव करने के लिए मुझे एक अच्छे प्लॉन की ज़रुरत थी।

वह प्लॉन संडे के अखबार में आ पहुंचा। एक लोकल डांस कंपनी लोगों को अपने सालसा लेसन के नए बैच के लिए आमंत्रित कर रही थी। सबसे ज़रूरी बात यह थी कि आप बिना पार्टनर के भी इन क्लासेस में भर्ती हो सकते थे। यही मेरा प्लॉन था! सालसा मेरे टूटे हुए दिल को जोड़ने वाला था।

आखिर मुझे ऐसा क्यों लगा कि सालसा मेरे दर्द के घाव भरने वाला था? दूसरों का तो मुझे पता नहीं, लेकिन डांसिंग से मुझे मदहोशी महसूस होती है और मैं एक बहुत ही खुशहाल इंसान बन जाती हूँ। यह लगभग सेक्स जैसा है। आप सेक्स को पहले  एक सिद्धांत के रूप में जानते हैं, और देख चुके हैं, लेकिन इसे पहली बार असल में करना अजीब लगता है। और फिर आप अलग-अलग स्टेप्स आज़माते हैं। कुछ काम करते हैं, और कुछ काम नहीं करते। आप पता लगाते हैं कि आप के लिए सबसे बढ़िया क्या काम करता है, और जिन दिनों पर आपका शरीर, मन और रूह साथ में झूमने लगे हैं, आप ऐसा आनंद महसूस करते हैं, जिसको बयान करना नामुमकिन है।

मुझे याद है डांस से मेरा ४ साल की उम्र में परिचय कराया गया। मेरी माँ का एक सप्ताहांत रिवाज़ था। हॉल के बीच रखी मेज़ को एक तरफ हटाकर, हल्की रौशनी का माहौल बनाकर ,वह हम सबको डांस करने के लिए बुलातीं। बॉनी एम, व्हिग्फ़ील्ड और उस हफ्ते के लोकप्रिय बॉलीवुड गाने को बार-बार बजाया जाता, तब तक जब तक कि हमारे पेट में भूख के मारे चूहे नहीं दौड़ने लगते। इसी हॉल में, अपनी माँ को बेधड़क थिरकते हुए देखकर, मुझे डांसिंग और उससे आपके शरीर पर होने वाले प्रभाव से प्यार हो गया। ज़ाहिर है कि उन्होंने इस परंपरा को हमारे पड़ोसियों तक फैलाया और सप्ताहांत में हमारे बीच डांस युद्ध होते, सही में।मुझे सबसे ज़्यादा मोहित इस बात ने किया कि कैसे डांस करते समय हर कोई इतना कामुक महसूस करता था और इसकी शर्त सिर्फ यह थी कि आपको अपने अंदर की खूबसूरती को बाहर खींच निकाल कर उसे सबको प्रदर्शित करना था। और ऐसा कौन नहीं करना चाहेगा!



एक शुक्रवार की शाम, मैं नीले स्लैक्स और एक गुलाबी, बिना बाहों के टॉप में अपने पहले सालसा क्लास के लिए पहुँची, घबराई हुई और बहुत उत्साहित। यह मेरा पहला पार्टनर वाला डांस होने वाला था। इसके पहले मैंने कृष्ण भगवान के साथ कत्थक क्लासेस में और किसी डिस्को या पार्टी में अन्य लोगों के साथ रोमानी रिश्ते कायम किए थे। लेकिन किसी पार्टनर के साथ डांस सीखने के विचार से मेरा दिल धक्क सा कर गया। हम सबने पहले कुछ हल्की कसरत की, और फिर हमारे बेहद खूबसूरत इंस्ट्रक्टर ने सूचना दी, “हर कोई सबके साथ बारी-बारी से डांस करेगा। यहाँ पे कोई स्थाई पार्टनर नहीं है। भिन्न तालों को समझना और उन्हें अपनाना है या नहीं, यह अपने आप समझ पाना हर किसी के लिए ज़रूरी है।” आस्था चैनल भी ज़िन्दगी के रहस्यों को इतनी सादगी से नहीं समझाता। हमने डांस करना शुरू किया और मैंने पहली दफा इस शहर में किसी दूसरे इंसान के शरीर को छुआ। किसी दूसरे व्यक्ति के इतने करीब होने की वह नर्म सी गर्मी और घबराहट ने मुझे एक अजीब तरह से आश्वस्त किया। “यह प्लॉन ज़रूर काम करेगा,” मैं यही सोच रही थी जब इंस्ट्रक्टर ने कहा, “चेंज”, और जैसे मेरी मुस्कराहट और चौड़ी हुई, मैंने दूसरे शरीर की ओर कदम बढ़ाये।

वह पहला महीना ऐसा था जैसे कोई पहली बार चलना सीख रहा हो। किसी व्यक्ति का आपको इस तरह पकड़ना, वह छुअन… अकल्पनीय तरीकों से चिकित्सक था। मैंने क्लास में अलग-अलग लोगों के साथ डांस किया। एक लड़का था जो हमेशा बातचीत टालता था क्योंकि उसकी अंग्रेजी बहुत अच्छी नहीं थी और वह किसी और भाषा में बात नहीं करना चाहता था। लेकिन जब वह डांस करता था, बिलकुल डर्टी डांसिंग film का पैट्रिक स्वेज़ी बन जाता। वह बहुत ही आकर्षक लीड़ (पार्टनर डांसिंग में जो व्यक्ति पहल करता है, उसे लीड़ कहते हैं) था, जो हमेशा शुरुआत में आँखों से संपर्क बनाता और पहले मिनिट में संपर्क ना बनने पर निराशा नहीं व्यक्त करता। वह अपने आप को और अपने पार्टनर को एक दूसरे के शरीरों के साथ जुड़ने का समय देता। उसने एक बार मुझे बताया कि वह बहुत से सालसा सोशल्स में गया था, क्लास ज्वाइन करने के भी पहले। उसे डांसिंग से प्यार था लेकिन उसे यह नहीं मालूम था कि सोशल्स में अन्य लोगों से साथ किस तरह पेश आना चाहिए। अपने अल्फोंसो आम के बगीचों के बारे में बात करना उसके लिए दोस्त बनाने का तरीका था। जी हाँ, जनाब अमीर थे और ज़्यादा अंग्रेजी ना बोलने के बावजूद, ‘सीन’ तक पहुँचने के लिए यही आम उनका ज़रिया था। हर साल इंस्ट्रक्टरों और उसके मुताबिक़ परिचित बनाने लायक कुछ अन्य लोगों को वह आम की टोकरियां भेजता था।

मैंने भी कुछ नए दोस्त बनाये। एक लड़का, जोकि एक वित्तीय सलाहकार था, और सालसा सोशल्स सीन पर नियमित रूप से दिखता था, मेरे घर के करीब रहता था। वह अक्सर मुझे प्रैक्टिस करने के लिए अपने घर बुलाता। एक बार उसने मुझे बताया कि हमारे इंस्ट्रक्टर ने उससे कहा था कि उसमें डांसर बनने की काबिलियत नहीं थी। मेरा दोस्त यह मानता था कि प्रैक्टिस से इंसान एकदम बहतारीन बन सकता था। पिछले कुछ वर्षों में, उसने अपनी स्टाइल को बेहतर बनाने और एक ताल निर्मित करने के लिए फार्मूला निकाला था। वह हर सालसा सोशल में जाता और घर पर प्रैक्टिस करता। जब मैं पहली बार उसके घर गयी, तो नाइटी पहनी हुई उसकी माँ, उसके बिस्तर पर चढ़कर हमें डांस करते हुए रिकॉर्ड कर रही थीं, क्योंकि मेरे दोस्त ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था। वह हर प्रैक्टिस सेशन की रिकॉर्डिंग रखता था और बाद में उन वीडियोज़  को देखकर अपनी गलतियों को सुधारता। उसको अपनी नौकरी से प्यार था लेकिन काम के बाद वह उन्हीं वित्तीय सलाहकारों के साथ अपना वक्त गुज़ारना नहीं चाहता था। उसके लिए सालसा का मतलब था ‘दिलचस्प लोगों’ से मिलना। एक बार उसने ऐसे ही कह दिया कि नियमित रूप से डांस करते हुए वह औरतों के बारे में बिलकुल नए मायनों में जागरूक हुआ था। मैंने कभी इस बात को और नहीं कुरेदा। मुझे हमेशा लगता था कि सिर्फ डांस करते वक्त वह दिल खोलकर बात करता था। यूँ तो वो थोड़ा अटपटा सा था, लेकिन लीड़ करते वक्त बिलकुल आश्वस्त।

मैं सबसे ज़्यादा सालसा सोशल्स को लेकर उत्साहित रहती थी। नए लोगों से मिलने का यह बहुत ही सुनहरा मौका था।

आप एक इंसान के साथ डांस करते; फिर गाना बदल जाता, आप स्विच करते, और फिर दूसरे पार्टनर/दूसरे शरीर के साथ डांस करते। यह स्पीड डेटिंग (स्पीड डेटिंग में लोग बारी-बारी से नए संभावित पार्टनर्स से सिर्फ कुछ क्षणों के लिए मिलते हैं) जैसा था। सिवाय इसके कि आप शायद ही कभी किसी का नाम या उनकी पसंद-नापसंद जान पाते। आप दोनों बस म्यूज़िक की ताल से अपने शरीर की चाल को मिलाते, अपने पार्टनर के स्टेप्स को समझने की कोशिश करते और इसी दौरान कुछ जादू की उम्मीद रखते। उन शुरुआती महीनों में मैं ऐसे लड़के से मिली जो आपको इस कदर पकड़ लेता कि अगर वह आपको छोड़ता, तो आपका शरीर टूट सकता था। कुछ ऐसे भी लोग मिले जिनको सिर्फ स्टेप्स में दिलचस्पी थी और वह आपको चक्कर आने तक घुमाते रहते; कुछ ऐसे जो सिर्फ आपको छूना चाहते थे; कुछ ऐसे जो उतनी ही कामुकता से हर एक को लीड़ कर सकते थे, फिर चाहे वो डांस में बिलकुल नया कोई हो या फिर मंझा डांसर;  और कुछ ऐसे जो बस वहां मस्ती करना चाहते थे। हाँ, मैं हर तरह के लड़कों से मिली।

ब्रेक लेने के लिए आपको लेडीज़ रूम की ओर भागना पड़ता, क्योंकि डांस फ्लोर के करीब होते हुए एक औरत के लिए ब्रेक ले पाना नामुमकिन था – हर कोई उसके साथ पार्टनर बनकर डांस करना चाहता था। मैं एक जूनियर इंस्ट्रक्टर से मिली जो मुझे देखते ही अपनी भड़ास निकालने लगी। “यह क्यों नहीं समझते, मुझे डांस नहीं करना। मैं एक ब्रेक चाहती हूँ। मैं पिछले १० गानों पे लगातार डांस कर रही हूँ और यह लड़के चाहते हैं कि मैं उनकी लीड़ प्रैक्टिस के लिए और डांस करूँ। गधे कहीं के!”



दरअसल बात यह है कि; सालसा, बॉलरूम डांसिंग और सभी पार्टनर डांसिंग में एक व्यक्ति लीड़ बनता है और दूसरा उसे फॉलो करता है। अगर आप विपरीत लिंग के साथ डांस कर रहे हैं और लड़की हैं, तो आप सिर्फ फॉलो करेंगीं। अपने हुनर में कुछ आगे पहुँची, मैंने अपने इंस्ट्रक्टर या फिर पार्टनर को कहते हुए सुना, “लीड़ को फॉलो करो”, “लड़कियों, सोचना बंद कीजिये और लड़के को लीड़ करने दीजिये”, “अपने दिमाग को बंद/ऑफ कर दीजिये”। मैं अक्सर इन बातों से कुंठित हो जाती और अपने ऑफिस के बॉस से शिकायत करती; मैं नहीं चाहती थी सालसा लेसन में दौरान हमेशा कोई मुझे लीड़ करे। मुझे इस बात से इतनी तकलीफ नहीं थी कि इस डांस में लीड़ और फॉलो करने का कायदा था,  लेकिन मैं चाहती कि कम से कम उसमें से आधे समय मैं लीड़ करूँ। और ऐसा नहीं था कि हर लड़का लीड़ करना चाहता था। कुछ तो चाहते थे कि लड़की लीड़ ले। अपने पार्टनर को घुमाने और घुमाने की ज़िम्मेदारी लेने का विचार उन्हें घबराहट दे जाता। जब मैंने शुरुआत की, मुझे मेरी संगीत कुशलता और ताल के लिए प्रशंसा मिली, लेकिन जल्द ही मैं वह लड़की बन गयी थी जो लड़के को अपनी लीड़ सुधारने में सहायता नहीं कर रही थी।


“तुम इस नृत्य नृत्य के कायदे पहले से जानती थी,” मेरे बैचमेट्स आमतौर पर मेरे रोष को यही प्रक्रिया देते थे। मुझे नहीं लगता वह समझ पा रहे थे कि यह बतंगड़ आखिर था किस बारे में। डांस ने, पिछले कुछ वर्षों में मुझे अपनी भावनाओं को अपनाना सिखाया है। शायद इसकी वजह वह जागरूकता है, जो नाचते हुए आपको अपने शरीर के बारे में हो जाती है। हर किसी की तरह मेरे जीवन में कुछ अच्छे दिन आते थे और कुछ बुरे दिन और यह सब डांस का हिस्सा बन जाते। जब आप किसी व्यक्ति के साथ पहली बार डांस करते हैं, आप दोनों के बीच बिना शब्दों के एक बातचीत होती है, जो बोझ-मुक्त होती है। आपका सहानुभूति  रखना ज़रूरी है, जिस तरह से आप एक दूसरे को छूते हैं, वो उस सहानुभूति को व्यक्त करता है। इस नाच रूपी बातचीत ने मुझे मेरी सेहत वापस लौटाई थी, और साथ ही मेरे टूटे दिल को भी मरहम दिया था। जैसे हमने सालसा के बेसिक्स सीखे और डांस की तरफ आगे बढ़े, फिर डांस की ओर बड़े, मुझे उम्मीद थी कि सब कुछ एक दूसरे के सहयोग के साथ होगा। जिस इंसानी छुअन से मैं ठीक होने लगी थी, धीरे धीरे उसमें किसी तरह के रहस्य्मयी मसाले की कमी महसूस होने लगी थी।

मुझे याद नहीं कि मैंने अपने क्लासेस या सोशल्स के लिए जाना क्यों बंद कर दिया। शायद काम ज़्यादा मज़ेदार हो गया था। मेरे दिल के घाव भी भर रहे थे। मुंबई ने मुझे अपने आप पर भरोसा करना सिखाया था, नाचते-नाचते एक बढ़िया घुमाव अदा कर पाने पर , चमक पाने पर । मैं अकेले भी कई मर्तबा डांस करती थी, लेकिन मैं एक अलग डांस की तलाश में थी। मैं अब भी उस नशे के तलाश में थी। इस बार मैंने स्ट्रीट जैज़ चुना और फिर से अपने पहले क्लास में आ पहुँची।

हर डांस स्टूडियो में शीशों की एक दीवार होती है। कहते हैं कि अगर आप खुद को इस शीशे में गमनागमन करते हुए देख सकते हैं, तो आप इससे बेहतर डांसर बनते हैं। मैं इसके पहले एक पार्टनर वाला डांस कर रही थी, तो मेरा ज़्यादा वक्त अपने पार्टनर की तरफ देखने में बीत जाता। शुरुआत में, अपने आप को देखना भावनात्मक रूप से थोड़ा तीखा अनुभव था, लेकिन मैंने इस बार अपने आप से रोमांस करने की ठानी। स्ट्रीट जैज़ यानि हिप-हॉप और जैज़ का मेल। इसका सम्मिलित  स्टाइल है, यह बैले से कुछ तकनीकों का इस्तेमाल करता है, लेकिन काफी अन्य तरह की स्ट्रीट डांसिंग से भी तकनीक अपनाता है। इस क्लास में, हमने वर्कआउट, चाल और “आप क्या देख रहे हैं” वाली लुक वाले हिस्से डांस किए। हमारे क्लास में हर आकार और उम्र के शरीर थे। हिप रोल्स से लेकर जैज़ वॉक्स तक, हमें पक्की तरह से यही सोचना था कि हम मडोना से कुछ कम नहीं थे। “डांस में कोई जेंडर नहीं होता. आज के लिए अपने जेंडर को चुनिए और कल अगर मैं आपको बदलने के लिए कहूँ तो आपको यह आसानी से कर पाना चाहिए”, हमसे कहा गया था। ऐसा लगा कि मुझे फिर से प्यार हो रहा था।

सालसा ने मेरी चाल/मूव्स को एक स्त्रैण-स्त्री रूप- आकार दिया था। स्ट्रीट जैज़ ने मुझे इस स्त्री रूप को नए सिरे से परिभाषित करने का मौका दिया, ऐसा आकार जो मुझसे मेल खाता था। जैसे-जैसे मैंने अपने शरीर को बेहतर जाना, क्लास के दौरान कई बार मैं फिर से अपनी माँ के हॉल में पहुँच जाती थी। मेरे पास नयी आँखें थीं जिनसे उस कमरे में थिरकते डांसर्ज को मैंने देखा। वह सभी अपने शरीर, दिल और दिमाग को डांसिंग के हवाले कर चुके थे, चाहे अकेले या अपने पार्टनर्स के साथ। मैंने भी अपने क्लासेस मैं वही करना शुरू कर दिया था।



फिर मैं एक दूसरे शहर में जा बसी, और पहुँचते ही सालसा सोशल में जाना मुझे एक ऐसा शुरुआती रिवाज़ लगा जिसे निभाना आवश्यक था। एक शाम, बहुत हिचकिचाते हुए, मैं एक सालसा सोशल में जा पहुँची। यह मुझे एक पुर्नानुभव जैसा लगा, सिवाय इसके कि मुझे लगा कि मैं एक नयी इंसान थी – एक सोलो डांस रूप ने मुझे ऐसे मायनों में सम्पूर्ण बनाया था जो मैं अब तक नहीं समझ पायी हूँ। किसी ने मुझे उस रात के मेरे पहले डांस के लिए बुलाया। जैसे ही मेरे शरीर ने उसके शरीर को छुआ, मेरा मन उसकी चाल ढाल, उसकी परफ्यूम और उसकी हल्की पंखों जैसी छुअन के बारे को नोट करने लगा। मुझे इस सफर पर जाने में बहुत खुशी हुई, और बाकी की रात मैं एक शरीर से दूसरे शरीर के पास बहुत ही आश्वस्त हो कर जाती रही।

आप कभी नहीं जीतेंगे
जब तक आप हार नहीं मानेंगे

म्या के मशहूर गाने “क्या आप सिर्फ डांस करना चाहते हैं?” की यह लाइनें आज कल मुझसे अपने खुलासे करने लगी हैं। लीड़ और फॉलो वाले डांस के रूल्ज़ अब भी मुझे ना रिझा पाए। शायद यह मेरे लिए नहीं हैं। कम से कम हर समय तो नहीं। लेकिन मुझे यह भी एहसास हुआ है कि जैसे ही आपका अपने पार्टनर के साथ ताल मेल बैठ जाता है तो उस ही पल सारे गीले शिकवे भाप हो जाते हैं। फिर लीड़ व फॉलो करने का कोई मतलब नहीं होता। सेक्स बस सेक्स होता है। अभी के लिए, मैं खुश हूँ और जानती हूँ कि मैं प्यार को और प्यार ने मुझे ढूंढ लिया है। बाकी चीज़ों का पता लगाने के लिए, मैं अपने जीवन में नाचते हुए ही आगे कदम बढ़ाती रहूंगी।

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