एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क़ हैं कौन?
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एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क़ सेक्स, इश्क़, ख़्वाहिशों और ज़रूरतों पर आधारित एक मल्टीमीडिया प्रॉजेक्ट है। या, दूसरे शब्दों में कहें तो हम भारत में सेक्स, प्यार और ख़्वाहिश पर कूल वीडियो, ख़ूबसूरत तस्वीरें और दिलचस्प ऑडियो बनाते हैं।

एजेंट्स ऑफ इश्क़ पारोदेवी पिक्चर्स, की पेशकश है। पारोदेवी पिक्चर्स मुंबई की एक स्वतंतरा मीडीया और आर्ट्स कंपनी है।

हमारी टीम से मिलिए!

हम एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क़ क्यों बने?

क्योंकि हम इश्क़, सेक्स और ख़्वाहिश से जुड़ी हुई बहुत, बहुत सारी सकारात्मक बातचीत और संवाद करना चाहते थे।

हमसे अक्सर मोरल पुलिसिंग, सेक्सुएलिटी और हिंसा के बारे में बात करने को और अपनी राय रखने को कहा जाता है। अक्सर ऐसी परिचर्चाओं में शामिल होने के बाद हमने सुना और समझा कि लोग सेक्स और प्यार के बारे में ईमानदारी से, और खुलकर, अपनी उलझनों के बारे में बिना शर्मिंदा हुए, बात करना चाहते हैं।

हमें लगने लगा कि हमारे देश में सेक्स पर ऐसा कॉन्टेन्ट कहाँ है जो अच्छा भी हो, जिससे पाठकों को मदद भी मिले, और जो मज़ेदार भी हो? ढूँढने निकले तो मालूम पड़ा कि बहुत कम उपलब्ध था। और इस तरह,

हमने एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क बनने का फ़ैसला कर लिया।

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एजेंट ऑफ़ इश्क़ करतें क्या हैं?

हम सोमवार की आधी रात को रंगीन चश्मे पहन लेते हैं, और सोमवार को सफ़ेद पैंट पहनते हैं। हा हा हा… नहीं नहीं। हमारा ऐसा कोई यूनिफॉर्म नहीं है। बल्कि हम किसी किस्म के यूनिफॉर्म में यकीन नहीं करते। न हम लोगों को ये बताते हैं कि क्या अच्छा है और क्या बुरा, क्या सही है और क्या ग़लत, क्या नॉर्मल है और क्या अबनॉर्मल, या फिर क्या ‘साफ़-सुथरा’ है और क्या ‘गंदा’। न हम लोगों को ये बताते हैं कि उन्हें क्या सोचना या महसूस करना चाहिए। बल्कि, हम कुछ अतरंगे, मज़ेदार टूल्स बनाते हैं जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं। हम कुछ मज़ेदार मैटिरियल तैयार करते हैं जो आप (और ख़ासतौर पर इस देश के युवा) देख सकते हैं, पढ़ सकते हैं और ख़ुद एक्सप्लोर कर सकते हैं ताकि वे अपना मन जान सकें, अपनी राय ख़ुद बना सकें, अपने फ़ैसले ख़ुद ले सकते हैं – सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ।

हमारे पास रंगीन चश्मा नहीं है, तो फिर ऐसी भी क्या बात है एजेंट ऑफ़ इश्क़ में?

अपनी बायोलॉजी टीचर को याद कीजिए जो एक ‘ख़ास’ चैप्टर तक पहुँचती है, फिर क्लास में ज़ोर से खाँसती है और फिर पूरी क्लास को कह देती है कि “अपने आप ये पूरा चैप्टर पढ़ लेना।” और फिर जब आप मुँह दबाकर हँसने लगते हैं तो पूरी क्लास पर ज़ोर से चीखती है। तो बात यह है – हम वो ‘टीचर’ बिल्कुल नहीं हैं।

एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क़ की साइट पर आपको जो भी मिलता है वो बिना किसी लाग-लपेट के बिल्कुल ईमानदार, बेबाक और शीशे की तरह पारदर्शी होगा। हमें भी तोता-मैना का प्यार और एक-दूसरे को चूमते गुलाब बहुत पसंद हैं, लेकिन अक्सर आपको फूलों की झाड़ियों से बाहर निकलकर प्यार-मोहब्बत, सेक्स और जिस्म पर खुलकर बात भी करनी होती है – हैं ना? मिसाल के तौर पर सुरक्षित सेक्स, पीरियड्स, बच्चे कैसे पैदा होते हैं, क्रोमोसोम, फंतासी, आपसी सहमती, इज्ज़त, इश्क़, एजेंसी…

एजेंट ऑफ़ इश्क़ किन मूल्यों में यकीन करता है?

क्या किसी ने कभी आपसे ये कहा कि अगर आप बहुत ज़्यादा हँस रहे हैं तो आपको रोना भी पड़ेगा?

हम ऐसी बातें नहीं कहते।

हम मानते हैं कि सेक्स अच्छा होता है, और उससे आपको ख़ुशी मिलनी चाहिए। हम मानते हैं कि सेक्स प्यार है, और प्यार सेक्स। मसला यह है की इसे हम सुरक्षा और आदर के साथ कैसे जोड़ें।

तो क्या एजेन्ट्स ऑफ़ इश्क़ को किसी चीज़ से डर नहीं लगता?

हम ख़ुशी, सुरक्षा और आपसी सहमति में यकीन मानते हैं। लेकिन हम कतई नहीं मानते कि सेक्स से जुड़ा हुआ हर संवाद हिंसा, रेप, टूटे हुए दिल, डर और चेतावनियों से जुड़ा हुआ होना चाहिए। हमें लगता है कि सेक्स से जुड़ी कई बातें सहज, प्यारभरी, ईमानदार और खुली हुई भी हो सकती है।

इश्क़ काफ़ी है, इस साइट को प्यार की नज़र से देखने के लिए! इस वेबसाइट पर मौजूद सारा मैटिरियल फ्री है (वाकई फ्री!)। आप इसे हमारे क्रिएटिव कॉमन्स एग्रीमेंट के तहत शेयर भी कर सकते हैं।

हमें एजेंट्स ऑफ़ इश्क़ के और मैटिरियल के बारे में बताएं।

इस साइट पर आनेवाला हर मैटिरियल देश भर के डॉक्टरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, टीचरों, युवा समूहों और आम लोगों से बातचीत और रिसर्च के आधार पर तैयार किया गया है।

मज़ेदार वीडियो, आर्ट, पॉडकास्ट, पोस्टर, सच्ची कहानियों, सूचनाओं, मैप और क्रेज़ी ग्राफिक्स – सब कुछ मिलेगा हमारी इस साइट पर।
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वेबसाइट के चित्रकार
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इंदु हरिहरन
देवदत पटनायक
तुहिना वोहरा


हिन्दी मैं अनुवाद
अनु सिंग चौधरी


हम एजेंट ऑफ़ इश्क़ कैसे बन सकते हैं?


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