अमर प्रेम

प्रेम में मिल जाना ही मंजिल नहीं होती, कभी-कभी बिछड़ कर भी प्रेम को अमर किया जाता है। सुनिए  गुड़िया की कहानी, जिसने प्रेम पाया और फिर उसमें जी कर, खो कर, उसे अपनी मंजिल बना लिया। गुड़िया जिसने समाज से परे प्रेम विवाह किया और  फिर  जुदाई  भी  देखी…
भाषा : हिंदी
अवधी : ४ मिनट ४७ सेकंड
यह पॉडकास्ट खबर लहरिया के सौजन्य से बनाया गया है।

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